नई दिल्ली: मारुति सुजुकी ( Maruti Suzuki ) ने डीजल कारें न बनाने का फैसला कर सभी को चौंका दिया है।ऑटोमोबाइल सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी का ये फैसला रातो-रात नहीं लिया गया बल्कि इसकी सुगबुगाहट बहुत पहले से सुनाई पड़ रही थी। दरअसल कंपनी डीजल कारें बनाना इसलिए बंद कर रही है क्योंकि अगले साल से लागू होने वाले BS6 एमिशन नॉर्म्स से जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट काफी ज्यादा है। लेकिन सिर्फ यही एक वजह नहीं है इसीलिए हम आपको मारुति के फैसले से जुड़ी 5 बड़ी बातें बताएंगे जो इस फैसले के लिए जिम्मेदार हैं।

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  1. अप्रैल 2020 से नए और सख्त BS-VI नॉर्म्स लागू होने के बाद पुराना स्टॉक बेचने की इजाजत नहीं होगी। इसीलिए कंपनी ने डीजल कारों के प्रोडक्शन को बंद करने के फैसला लिया है। कंपनी के चेयरमैन आर सी भार्गव ने इस बारे में बात करते हुए साफ शब्दों में कहा, 'अगले साल अप्रैल से मारुति के पास सेल के लिए कोई डीजल कार नहीं होगी। जिन लोगों को डीजल कारों से प्यार है, उन्हें अभी ये कार खरीद लेनी चाहिए। यह उनके लिए आखिरी मौका है।'
  2. पेट्रोल और डीजल की कीमतों का अंतर कम हो जाने के कारण पिछले कुछ सालों से डीजल कारों का मार्केट लगातार घट रहा है। 2012-13 में 47 फीसदी के करीब थीं, जो 2018-19 में घटकर मात्र 19 फीसदी रह गई थी। डीजल कारों के फ्यूचर को लेकर अनिश्चितता लगातार बढ़ रही है। ये भी कंपनी के इस फैसले की वजह हो सकती है।
  3. डीजल कारें लोग फ्यूल एफिशिएंट और सस्ती होने के कारण खरीदते हैं लेकिन छोटी कारों में BS-VI नॉर्म्स के मुताबिक डीजल इंजन को अपग्रेड करने का खर्च काफी ज्यादा है। जिससे कि इन कारों की कीमत पर भी असर पड़ेगा, जिसे देखते हुए लोगों के इन्हें खरीदने की उम्मीद कम ही है।
  4. मारुति डीजल कारों के प्रडक्शन को बंद कर cng और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी वाली गाड़ियों पर फोकस कर सकती है।
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