मुंबई. महानगर के जर्जर और खतरनाक घोषित पुलों की मरम्मत जल्द से जल्द होनी जरूरी है। बावजूद इसके जर्जर पुलों की मरम्मत का काम लटक गया है। पुलों की स्ट्रक्चरल ऑडिट के लिए मंगाई गई निविदा खोलने के लिए के लिए बीएमसी के पास कर्मचारी नहीं हैं। पुल विभाग के तकरीबन 90 प्रतिशत कर्मचारी चुनावी ड्यूटी में लगे हैं। इसकी वजह से निविदा से संबंधित कार्य की शुरुआत मई से ही
शुरू होगी।
गौरतलब है कि 14 मार्च को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) के पास हिमालय पुल का कुछ हिस्सा गिरने के कारण सात लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे में 30 से ज्यादा घायल हुए थे।
इस बीच पता चला कि स्ट्रक्चरल ऑडिटर देसाई ने बोगस रिपोर्ट दी थी।


सभी पुलों के ऑडिट का निर्देश
बीएमसी आयुक्त ने सभी पुलों का नए सिरे से स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने का निर्देश दिया था। शहर विभाग के जोन-1 व जोन-2 में 77 पुलों के स्ट्रक्चरल ऑॅडिट के लिए 10 अप्रेल को विज्ञापन निकाला गया था। इसके अनुसार 24 अप्रैल को निविदा जमा करने की अंतिम तिथि थी। बीएमसी के पास ऑनलाइन निविदाएं भी आई हैं। पूर्वी-पश्चिमी उपनगर के कुछ पुलों की मरम्मत का कार्य शुरू भी हो गया है। बता दें कि मुंबई के सात पुलों को खतरनाक घोषित कर, उन्हें बंद कर दिया गया है।


28 और 29 अप्रेल को कुछ इलाकों में नहीं आएगा पानी
मुंबई. पानी कटौती की समस्या झेल रहे महानगर के कुछ इलाकों में 28 और 29 अप्रेल को पानी की सप्लाई नहीं होगी। गौरतलब है कि 29 को लोकसभा चुनाव के चौथे चरण का मतदान है। बीएमसी के अधिकतर कर्मचारी चुनावी ड्यूटी पर रहेंगे। इसके कारण सायन, राओली हिल, माटुंगा, सीजीएस कॉलोनी सेक्टर-7, एंटॉप हिल, संगम नगर, वडाला, बीपीटी हॉस्पिटल कॉलोनी, हिंदू कॉलोनी, पारसी कॉलोनी में पानी आपूर्ति नहीं होगी। बीएमसी में विपक्ष के नेता रवि राजा ने आयुक्त अजोय मेहता को पत्र लिख कर पानी कटौती न करने की मांग की है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2DAY7EG
via Top News in Hindi