नींद की समस्याएं तीन प्रकार की होती हैं
नींद की समस्याएं प्राय: तीन तरह की होती हैं। एक तो यह कि नींद आए ही नहीं या फिर आने के बाद टूट जाए और वापस ही न आए और ऐसी भी कि रातभर टूट-टूटकर आती रहे, सोए भी और नहीं भी। हम तकनीकी तौर पर इन सबको अनिद्रा (इन्सोमनिया) कहते हैं। इनमें से हर एक के कारण अलग हैं और इलाज भी।
दूसरी तरह की समस्या है दिनभर नींद आते रहना। बैठे-बैठे सो जाना। काम करते-करते ऊंघ जाना। गाड़ी चलाते वक्त झपकी आना। कुल मिलाकर देखें तो अनिद्रा के एकदम उलट नींद ज्यादा आने से परेशानी होना है। तीसरी तरह की नींद की समस्याएं वे हैं जो मायावी सी लगती हैं, कहानियों तथा चुटकुलों का विषय बनती है। नींद में चलना, सोते-सोते चीखकर उठ जाना, जोर-जोर से लातें चलाना, खर्राटे मारना, नींद में दांत पीसना, सोते-सोते पेशाब कर देना आदि।
लेने दे गहरी नींद
यदि आप चाहते हैं कि आपका बच्चा स्कूल में बेहतर प्रदर्शन करे तो उसे गहरी नींद लेने दें। चीन में हुए एक शोध में कम सोने वाले बच्चों ने अच्छी तरह नींद लेने वालों की तुलना में खराब प्रदर्शन किया। अध्ययन के अनुसार कई बच्चे पढ़ाई का भार, सोने की खराब आदत व माता-पिता के ध्यान न देने की वजह से कम नींद लेते हैं। यही स्थिति आगे चलकर उन बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और डायबिटीज जैसी बीमारियों का कारण बनकर सामने आती है।



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