नई दिल्ली। खेल संघों और खिलाड़ियों के बीच विवादों का पुराना नाता रहा है। एक बार फिर यह तस्वीर सामने आ रही है। भारतीय बैडमिंटन के प्रमुख खिलाड़ी एचएस प्रणॉय और बी साई प्रणीत और भारतीय बैडमिंटन संघ (बाई) के बीच विवाद खड़ा हो गया है। प्रणॉय और प्रणीत ने संघ पर यह आरोप लगाया था कि उसकी वजह से ये एशियाई बैडमिंटन चैम्पियनशिप में भाग नहीं ले सके। हालांकि संघ ने इन दोनों के इन आरोप को सिरे से नकार दिया है।
संघ ने यह बयान जारी कर कहा कि बैडमिंटन एशिया से प्राप्त ई-मेल के आधार पर, हमें पुरुष एकल और महिला एकल से दो-दो, महिला युगल और पुरुष युगल से तीन-तीन तथा मिश्रित युगल से चार खिलाड़ियों के नाम भेजने को कहा गया था।
संघ ने आगे बताया कि खिलाड़ियों के वर्ल्ड रैंकिंग के अनुसार ड्रॉ निकाला गया था, जिसमें एशियाई बैडमिंटन की ओर से प्रकाशित रैंकिंग पात्रता सूची के अनुसार मुख्य ड्रॉ में श्रीकांत (विश्व रैंकिंग 6) और समीर वर्मा (विश्व रैंकिंग 11) का उल्लेख किया गया था। इसी के आधार पर खिलाड़ियों को भेजा जाना था।
आपको बता दें कि मंगलवार से शुरू चीन के वुहान में शुरू हो रहे एशियाई बैडमिंटन चैम्पियनशिप में किदांबी श्रीकांत और समीर वर्मा पुरुष एकल में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
प्रणीत और प्रणॉय का पक्षः
प्रणॉय और प्रणीत ने कथित तौर पर आरोप लगाया है कि संघ ने आयोजकों को उनके नामों की पुष्टि नहीं की। प्रणॉय ने दावा किया कि अंतिम समय सीमा से पहले ही खिलाड़ियों ने अपना नाम भेज दिया था और इसके बावजूद 10 नाम छूट गए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टिकट की देरी से पुष्टि होने के कारण टूर्नामेंट के लिए दौरा करना मुश्किल था। हम एशियाई मिश्रित टीम चैंपियनशिप के दौरान हांगकांग में फंसे हुए थे।
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