वेलूर।तमिलनाडु किसान संघठन की ओर से कावेरीपाक्कम, आरकाट, रानीपेटï्टै, वालाजा, अरक्कोणम इलाके के किसान का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को कलक्टे्रट पहुंचा। वहां पहुंचकर उन्होंने कलक्टर रामण को बताया कि सूखे की चपेट में आकर चावल, मडुआ, ईख व केले की फसलें बरबाद हो गई। पूरी जानकारी देने के बाद उन्होंने सरकार से मुआवजे की मांग को लेकर कलक्टर रामण को ज्ञापन सौंपा।

इस अवसर पर संगठन सचिव उदय कुमार ने बताया कि गत वर्ष कम बारिश होने के कारण जिले के सभी तालाब व झीलें पूरी तरह भरी नहीं। उनमें जो पानी आया था अब सूख चुका है, दूसरी ओर पालार नदी भी कई वर्ष से सूखी पड़ी है। किसी तरह किसानों ने कम पानी होने के बावजूद चावल व ईख की फसलें लगायी थी लेकिन तब भी सिंचाई का पूरा पानी नहीं मिलने के कारण सारी फसलें बरबाद हो गई।
केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा कई कृषि योजनाएं चल रही हैं, इसे देखते हुए किसानों ने बरबाद हुई फसलों का मुआवजा मिलना चाहिए।

टीनीमीनी पाठशाला की शुरुआत 1 मई से

श्री वर्धमान जैन तत्वज्ञान केंद्र श्री धार्मिक पाठशाला द्वारा श्री वज्रस्वामी टीनीमीनी पाठशाला की शुरुआत 1 मई से होगी। इसे गुरु भगवंतों आचार्य जगतचंद्र सूरीश्वर तथा तीर्थभद्रसूरीश्वर का मार्गदर्शन मिला है। साथ ही कई परिवर्तन किए गए। कार्यकारिणी समिति ने बड़ी खुशी के साथ इसे शुरू करने की स्वीकृति दी। जगह जगह नई पाठशालाओं की शुरुआत हुई। पढ़ाई और खेलने की व्यवस्था करने (प्ले जोन) का निर्णय लिया गया है। एक महीने बाद ये कक्षाएं चलाने की भावना है। यह जानकारी अध्यक्ष रिखबचंद लुबचंद जैन सतावत ने दी।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2UXFpl7
via Top News in Hindi