ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन(AIMIM) नेता वारिस पठान के खिलाफ कर्नाटक के कलबुर्गी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला पठान पर भड़काऊ और नफरत फैलाने वाले विवादित बयान पर दर्ज किया गया है। वारिस पठान ने एक विवादित बयान में कहा था कि हम 15 करोड़ ही 100 करोड़ लोगों पर भारी हैं। यह बयान उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ कर्नाटक के गुलबर्गा में जनसभा के दौरान दिया था।
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'हम 15 करोड़ 100 करोड़ लोगों पर भारी'
सीएए के खिलाफ 19 फरवरी को निकाली गई एक रैली में वारिस पठान ने कहा था कि अब समय आ गया है कि हम एकजुट हो जाएं और आजादी लें। याद रखें, हम 15 करोड़ ही 100 करोड़ लोगों पर भारी पड़ सकते हैं। उनका यह बयान मीडिया में आते ही विवाद छिड़ गया। उनके बयान की निंदा की गई।
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मीडिया से बात करने पर रोक
इसके बाद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने वारिस पठान पर कार्रवाई करते हुए उसके मीडिया से बात करने पर रोक लगा दी। उन्होंने किया कि अगले आदेश तक वह सार्वजनिक रूप से बयान नहीं दे सकते। बता दें, वारिस पठान AIMIM के प्रवक्ता हैं।
रैली के दौरान वारिस पठान ने यह भी कहा था कि- 'हमने ईंट का जवाब पत्थर से देना सीख लिया है। मगर हमें एकजुट होकर चलना पड़ेगा। आजादी लेनी पड़ेगी और जो चीज मांगने से नहीं मिलती है, उसे छीन लिया जाता है.’
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माफी मांगने से मना किया
वारिस पठान के बयान की चौतरफा निंदा होने के बाद भी उन्होंने इस पर माफी मांगने से इनकार कर दिया। अपनी सफाई में उन्होंने कहा कि उन्होंने देश और किसी धर्म के खिलाफ कुछ भी नहीं कहा है। सीएए के खिलाफ हर धर्म के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि बीजेपी के नेता तो गोली मारने की बात तक कहते हैं। बीजेपी देश के लोगों को अलग करना चाहती है। मैं अपने बयान पर माफी नहीं मांगूंगा।
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बीजेपी ने की संगठन को बैन करने की मांग
दूसरी ओर, योगी सरकार के मंत्री मोहसिन रजा ने असदुद्दीन ओवैसी को फटकार लगाते हुए कहा था कि ओवैसी और उनकी पार्टी देश में नफरत फैला रही है। इनके मंच का इस्तेमाल देश विरोधी नारों और गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। इसी से इनका मकसद स्पष्ट हो जाता है। उन्होंने मांग की कि देश को तोड़ने वालों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए और पार्टी को बैन किया जाना चाहिए।
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