कश्मीर के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी की तबीयत बिगड़ने की अफवाहों को लेकर घाटी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करके अलर्ट जारी कर दिया गया है। ऑल पार्टीज हुरियत कान्फ्रेंस ने मुजफ्फराबाद (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) से एक बयान जारी करते हुए कहा कि अगर गिलानी अंतिम सांस लेते हैं तो सभी इमाम समेत लोग श्रीनगर स्थित ईदगाह में एकत्र हों।

हुर्रियत ने जारी किया दो पृष्ठ का बयान

उधर, नई दिल्ली में सरकार के सूत्रों के हवाले खबर है कि गिलानी के स्वास्थ्य की स्थिति गंभीर है लेकिन उनका स्वास्थ्य स्थिर है। हुर्रियत ने दो पृष्ठ के बयान में घोषणा की है कि गिलानी (90) ने हाल ही में अपनी इच्छा जाहिर की है कि उनको श्रीनगर ईदगाह स्थित मजारे शुहदा में दफनाया जाए।

गिलानी की सेहत बिगड़ने पर घाटी में हाई अलर्ट, प्रशासन ने बताया बेबुनियाद

प्रशासन ने तबियत से जुड़ी खबर को बेबुनियाद बताया

वहीं दूसरी ओर, कश्मीर के संभागीय आयुक्त बशीर अहमद खान ने हुर्रियत नेता गिलानी की तबीयत से जुड़ी खबर को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि सैयद अली शाह गिलानी की सेहत को लेकर जो खबर फैलाई जा रही है, वो बिल्कुल गलत है। कुछ समय पहले ही डॉक्टर जी.एन. अहनागर जो कि शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसकेआईएमएस) के निदेशक हैं, ने उनके (गिलानी के) परिवार से बात की थी और पुष्टि की थी कि उनकी हालत स्थिर है।"

डॉक्टर के अनुसार- हालत बेहतर

एक रिपोर्ट में एसकेआईएमएस के निदेशक डॉक्टर जीएन अहनागर के हवाले से कहा गया है कि- "11 फरवरी को मैंने सीनियर डॉक्टरों की एक टीम गिलानी साहब के घर भेजी थी। उस दिन उनकी हालत ठीक नहीं नहीं थी, लेकिन अब वह बेहतर हैं। अफवाहों पर ध्यान देने की कोई जरूरत नहीं है।"

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गिलानी ने जताई थी यह इच्छा

उधर, नई दिल्ली में सरकार के सूत्रों ने बताया कि गिलानी के स्वास्थ्य की स्थिति गंभीर है, लेकिन उनका स्वास्थ्य स्थिर है। हुर्रियत ने दो पृष्ठ के बयान में घोषणा की है कि गिलानी (90) ने हाल ही में अपनी इच्छा जाहिर की है कि उनको श्रीनगर ईदगाह स्थित मजारे शुहदा में दफनाया जाए।



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