नई दिल्ली। दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों पर बहुत जल्द रुझान आने शुरू हो जाएंगे। सुबह 11 बजे तक के संकेतों से साफ हो जाएगा की दिल्ली में सरकार किसकी बनने जा रही है। फिलहाल सभी पार्टियां इस चुनाव के नतीजों से बहुत उम्मीदें लगाकर बैठी हैं। हर पार्टी अपने बेहतर प्रदर्शन का दावा कर रही हैं। लेकिन अहम सवाल यह है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर एग्जिट पोल के अनुमान सही साबित होंगे या फिर दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी के दावे।
फिलहाल आंकड़ों की बात करें तो मतदान के दिन दिल्ली में 4 बजे तक 42.29 फीसद वोटिंग हुई थी। आखिरी वोट 6 बजे के बाद तक डाले गए क्योंकि 6 बजे तक जो भी लाइन में लग जाता है उसे वोट देने का अधिकार मिलता है। आखिरी आंकड़े के मुताबिक दिल्ली में कुल वोटिंग 62.59 हुई। यानी 4 बजे के बाद से लेकर आखिरी वोट डाले जाने तक 20.3 प्रतिशत वोटिंग हुई और ये एक बड़ा प्रतिशत है जो दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणामों को प्रभावित कर सकता है। खास बात ये है कि एग्जिट पोल के आंकड़े चार बजे तक ही काउंट किए जाते हैं जिसका सीधा सा मतलब ये हुआ कि दिल्ली में EXIT POLL के आंकड़े बदल भी सकते हैं।
यही वजह है कि मनोज तिवारी के दावे के बाद से यह विषय चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर में हुई 20.3 फीसद वोटिंग से क्या चुनाव नतीजें प्रभावित हो जाएंगे और एग्जिट पोल गलत साबित होंगे। हकीकत यह भी है कि नतीजे पलटने की संभावनाआें से इनकार नहीं किया जा सकत है।
दरअसल,तथ्यों की बात करें तो दिल्ली में दोपहर दो बजे तक 27.48 फीसदी वोटिंग हुर्इ थी। इसके बाद अगले 2 घंटे यानी 4 बजे तक का वोट प्रतिशत 42.29 फीसद रहा। शाम पांच बजे तक का मतदान का आंकड़ा दिल्ली में 54.24 फीसद रहा और मतदान का कुल प्रतिशत 62.59 प्रतिशत रहा। साफ है कि शाम चार बजे और वोटिंग खत्म होने तक के बीच का आंकड़ा बहुत बड़ा है जो 20.3 प्रतिशत है।
अगर बात 2015 के चुनाव की करें तो बीजेपी का वोट प्रतिशत 32.19 था। एग्जिट पोल के मुताबिक इस बार बीजेपी का वोट शेयर 4 से 5 प्रतिशत ज्यादा हो सकता है। यानी इस बार बीजेपी का वोट 37 से 38 प्रतिशत हो सकता है। फिर एक सवाल खड़ा होता है कि क्या इतने वोट प्रतिशत में बीजेपी सरकार बनाने की स्थिति में आ सकती है या नहीं।
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