नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग ( shaheen bagh ) इलाके में एकबार फिर से नागरिकता संशोधन कानून ( CAA ) के खिलाफ लोगों का प्रदर्शन शुरू होगा। शुक्रवार शाम को प्रदर्शनकारियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें ये ऐलान किया गया कि वो शाहीन बाग में अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। आपको बता दें कि शाहीन बाग में सीएए के खिलाफ करीब तीन से लगातार धरना-प्रदर्शन दिया जा रहा था।

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शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने रख दी है नई मांग

शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने धरने को जारी रखने का ऐलान किया। साथ ही उन्होंने कहा है कि जब तक केंद्र सरकार अपने फैसले को वापस नहीं ले लेती, तब तक वो अपना प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने नई मांगे भी रख दी हैं। उन्होंने मांग की है कि हाल ही में हुए दंगों में जिन मुसलमानों को गिरफ्तार किया गया है, उन सभी को रिहा किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि निर्दोष लोगों को भी दंगे का आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया है और ऐसे बेकसूर लोगों की संख्या 2000 से ज्यादा है।

जहर उगलने वाले नेताओं की सुनवाई 20 मार्च को

वहीं दूसरी तरफ दिल्ली में हिंसा से पहले अलग-अलग दल के नेताओं की तरफ से दिए गए भड़काऊ भाषणों के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर की गईं सभी याचिकाओं पर सुनवाई 20 मार्च को सुनवाई होगी। बुधवार को दायर की गई याचिका पर हाई कोर्ट ने नोटिस जारी कर 16 मार्च तक दिल्ली पुलिस और आप सरकार से जवाब मांगा है।

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याचिका में की गई है ये मांग

दीपक मदन ने दायर याचिका में कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, सलमान खुर्शीद और भाजपा के केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, स्थानीय नेता कपिल मिश्र के खिलाफ केस दर्ज कर एसआइटी से जांच करानी चाहिए। इसके अलावा याचिका में मांग की गई है कि जो हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं, उनकी संपत्ति को कुर्क कर नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।



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