नई दिल्ली। दिल्ली बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन के बीच शुक्रवार को संसद का बट सत्र शुरू होगा। इसकी शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण से होगी। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगी। इस बार 1 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। वहीं बजट सत्र का हंगामेदार होना तय माना जा रहा है। ऐसा इसलिए कि विपक्षी दलों ने तीनों कृषि कानूनों, पूर्वी लद्दाख गतिरोध, अर्थव्यवस्था की स्थिति और महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। बजट सत्र के दौरान पिछली बार मानसून सत्र की तरह ही इस सत्र में भी कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा।

विपक्ष का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण

बता दें कि कांग्रेस समेत देश के 18 विपक्षी दलों ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के बहिष्कार का फैसला किया है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने गुरुवार को यह जानकारी दी थी। विपक्षी दलों द्वारा संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बहिष्कार के फैसले को केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।



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