उल्हासनगर में इच्छापूर्वक चालिहा

उल्हासनगर. धनगुरु नानक डेरा संत बाबा थाहिरया सिंह दरबार के संत भाई साहेब जसकीरत सिंह ने इच्छापूर्वक चालिहा के दौरान दरबार की साध संगत से कहा कि गुरु नानक देव जी अपने कौल (वायदे ) के पक्के थे।
वह जो कहते थे उसे निभाते थे। उसी तरह हर इंसान अगर किसी को वचन देता है तो उसपर उसे कायम रहना है। इसलिए कहा गया है कि बांह जिन्हां दी पकडि़ए सर दीजिये बांह न छोडिय़े। भाई साहेब जसकीरत सिंह ने कहा कि धन गुरु नानक दरबार में अमृतवेले से सुखमनी पाठ और 13 श्री जपजी साहेब का पाठ करने वालों की तादाद इसीलिए बढ़ रही है क्यूंकि गुरु में उनकी आस्था है। जपजी साहेब तो स्वयं गुरु नानकदेव जी कीबानी है।
जिसमें गुरु महाराज ने कई सन्देश दिए है और कहा है कि सब तेरा है मेरे मालिक, कुछ भी नहीं मेरा। गुरु नानक देव जी ने सब तेरा तेरा कहते हुए अपना खजाना संगत, गरीबों में और जरूरतमंदों में बांट दिया था। इससे उन्होंने यही सन्देश दिया कि जो कुछ आपने दिया है परमात्मा उन्ही चीजों को तुम्हारे द्वारा बनाये गए बन्दों में बांट रहा हूं।
भाई साहेब ने कहा कि मोह और माया को सब लोग यहीं छोड़कर जाने वाले हैं। इसलिए केवल गुरु स्मरण ही भव सागर से पार लगा सकता है। दु:ख आये तो स्मरण करो और अगर सुख आये तो ऊपरवाले का शुकराना करो। गौरतलब है कि 40 दिन तक यह आयोजन चलेगा।



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