सीधे बैठें : हमारा शरीर तीन तरीकों से आराम पाता है। मांसपेशी को मिला आराम, शारीरिक अंगों को आराम और अस्थितंत्र यानी ढांचे को आराम। जब हम झुककर या टेक लगाकर बैठते हैं तो मांसपेशियां रिलेक्स होती हैं लेकिन संपूर्ण ढांचा और अंग तनाव में आने लगते हैं। अगर प्रयास करें तो रीढ़ की हड्डी को सीधे रखकर भी मांसपेशियों को तनावमुक्त रखा जा सकता है। ध्यान रखें कि शरीर के आंतरिक अंग लचीले ऊत्तकों यानी टिश्यू से जुड़े हुए हैं। झुककर या टेक लगाकर बैठने से इन अंगों की कार्यक्षमता घट जाती है।
सूर्य की ऊर्जा : अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान जेटलैग से सबसे ज्यादा थकान होती है। जैटलैग यानी जिस टाइमजोन में आप गए हैं, उसे लेकर आपकी भौतिक व ऊर्जा प्रणाली में भ्रम। इससे बचने के लिए सफर से कुछ दिन पहले ही खुद को उस समयानुसार ढालने का प्रयास करें और दिन में कम से कम 20 मिनट की धूप लें।
खानपान : यात्रा के दौरान मांस, वसायुक्तव तले-भुने भोजन से परहेज करें क्योंकि ये एसिडिटी बढ़ाते हंै। सफर में तरल पदार्थ अधिक लें। इसके लिए आप फलों या सब्जियों का जूस भी पी सकते हंै।
यह भी करें
नाड़ी शुद्धि सरल योग प्रक्रिया है। इसमें सांसों का इस्तेमाल किया जाता है। जो ऊर्जा प्रणाली में जरूरी संतुलन बनाने में मदद करती है। इसे अपनाकर भी यात्रा के दौरान होने वाली थकान को कम किया जा सकता है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2PwMmE1
via Top News in Hindi


0 Comments