कालभैरव को भगवान शिव का विग्रह रुप माना जाता है। कालभैरव शिव के पांचवे अवतार माने जाते हैं। भैरव देवता के दो रुप बटुक भैरव और काल भैरव दोनों ही रुप एक दूसरे के विपरित हैं। जहां बटुक भैरव अभय देने वाले सौम्य रुप में प्रसिद्ध हैं, वहीं काल भैरव अपराधिक प्रवृतियों पर नियंत्रण करने वाले बहुत भयानक दंडनायक हैं। सामान्यतः अपने घरों में लोग हर दिन भैरव जी की पूजा नहीं करते है, लेकिन हर माह में कृष्णपक्ष की अष्टमी को कालाष्टमी के दिन जरुर भैरव जी की पूजा करते हैं। पूजन के साथ साथ कई लोग इस दिन व्रत भी रखते हैं। तंत्र-मंत्र के साधक कालाष्टमी का दिन आराधना के लिए श्रेष्ठ मानते हैं। इस दिन सच्चे मन से कालभैरव की पूजा, व्रत व उपाय करने से जातक का कोई अनिष्ट नहीं कर सकता। तो आइए जानते हैं पंडित रमाकांत मिश्रा के अनुसार कालाष्टमी के दिन किन उपायों को करने से व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूरी होती है....
1. कालाष्टमी के दिन भैरव देवता को नींबू की माला या फिर 5 नींबू चढ़ा दें, ऐसा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। साथ ही व्यक्ति को इस उपाय से जीवन में अपार धन, यश और सफलता की प्राप्ति भी होती है।
2. कालाष्टमी के दिन सवा मीटर काले कपड़े में सवा सौ ग्राम काले उड़द, सवा सौ ग्राम काले तिल और सवा 11 रुपए लेकर पोटली बना लें और कालाष्टमी के दिन इस पोटली को भैरव जी को अर्पित करें।
3. जिस किसी व्यक्ति को धन संबंधी समस्याओं का काफी समय से सामना करना पड़ रहा है। वे व्यक्ति इस समस्या को दूर करने के लिए कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव के मंदिर में जाकर चमेली का तेल और सिंदूर अर्पित करें, जल्द लाभ मिलेगा।
4. कालाष्टमी के दिन से लेकर 40 दिनों तक लगातार काल भैरव का दर्शन करें। इस उपाय को करने से भगवान भैरव प्रसन्न होंगे और आपकी मनोकामना को पूर्ण करेंगे।
5. कालाष्टमी के दिन किसी मंदिर में जाकर काजल और कपूर का दान करें। व्यक्ति को हर तरह के कष्टों से मुक्ति मिलेगी और कालभैरव भगवान की कृपा भी प्राप्त होगी।
6. भगवान काल भैरव को प्रसन्न करने के लिए, कालाष्टमी के दिन से उनकी प्रतिमा के आगे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और श्रीकालभैरवाष्टकम् का पाठ करें। इस उपाय को आपको तब तक करना है जब तक आपकी मनोकामनाएं पूरी नहीं हो जाती। प्रतिदिन इस उपाय को श्रद्धापूर्वक करें।
7. कालभैरव अष्टमी के दिन प्रात:काल जल्दी उठकर स्नान-ध्यान के बाद भगवान भैरव के मंदिर में जाकर अबीर, गुलाल, चावल, फूल और सिंदूर चढ़ाएं। भगवान भैरव की कृपा पाने के लिए नीले फूल अवश्य चढ़ाएं। निश्चित रूप से भैरव कृपा होगी और मनोकामना पूरी होगी।
8. चूंकि काल भैरव भगवान शिव का ही अवतार हैं, इसलिए कालाष्टमी के दिन भगवान शिव की पूजा करने से भी भगवान भैरव का आशीर्वाद मिलता है। कालाष्टमी के दिन 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से 'ॐ नम: शिवाय' लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। इस दिन ऐसा करने से भगवान भैरव प्रसन्न होंगे और आपकी सभी मनोकामनाएं भी पूरी करेंगे।
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