जरूरतमंद मरीजों को आसानी से मिलेगा रक्त

मुंबई. नगर निगम के कूपर अस्पताल के ब्लड बैंक को अब सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) प्रणाली से चलाने का निर्णय लिया गया है। इससे अब जरूरतमंद मरीजों को रक्त सुलभता से उपलब्ध हो सकेगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को विधान परिषद में दी। इस ब्लड बैंक के माध्यम से गरीब मरीजों को इलाज के लिए रक्त उपलब्ध कराया जाता है। वहीं विधायक प्रवीण दरेकर की ओर से विधान परिषद में किए गए सवाल पर सीएम फडणवीस ने लिखित उत्तर में कहा कि पीपीपी स्तर पर कूपर अस्पताल के ब्लड बैंक को चलाने का निर्णय 2018 में ही ले लिया गया था।
तीमारदारों को लगाने पड़ते थे चक्कर
केवल आवश्यक रक्त समूहों को ही कूपर अस्पताल में ब्लड बैंक उपलब्ध कराया गया था, जबकि कई रोगियों को रक्त प्लाज्मा, लाल और सफेद कोशिकाओं, प्लेटलेट्स की आवश्यकता होती है। रक्त के के उन्मूलन के लिए अस्पताल में सिस्टम उपलब्ध न होने के चलते तीमारदारों को दूसरे ब्लड बैंकों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसलिए पीपीपी आधार पर कूपर अस्पताल रक्त बैंक चलाने का निर्णय लिया गया था।
1.05 करोड़ रुपये वार्षिक खर्च बचेगा
मुख्यमंत्री ने परिषद में आगे कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद के कई मानदंडों में उपलब्ध इस तरह के ब्लड बैंक को कूपर अस्पताल के बालासाहेब ठाकरे मेडिकल कॉलेज में मान्यता प्राप्त ब्लड बैंक को एक निजी भागीदारी के आधार पर संचालित किया जाएगा। इससे गरीब लोगों को फायदा होगा। साथ ही इस विधि से हम नगरनिगम के कर्मचारियों और उपकरणों आदि पर लगभग 1.05 करोड़ रुपये वार्षिक खर्च बचा सकेंगे।
चल रही ई-टेंडरिंग प्रक्रिया
जबकि जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, महात्मा ज्योतिबा फुले जनआरोग्य योजना आदि योजनाओं के तहत अंतर्गत रोगियों को मुफ्त रक्त की आपूर्ति की जाएगी। पीबीसीएफ (पुअर बॉक्स चैरिटेबल फंड) कोष को सामाजिक विकास अधिकारी की ओर से संदर्भित गरीब और जरूरतमंद रोगियों को सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं पता चला है कि नायर अस्पताल में निजी आधार पर ब्लड बैंक चलाने के लिए ई-टेंडरिंग प्रक्रिया चल रही है।



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