नई दिल्ली। देश के पूर्व वित्त मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का शनिवार को 66 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।
वह लंबे समय से बीमार थे और सांस लेने में परेशानी के चलते उनको दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
अरुण जेटली (Arun Jaitley) का अंतिम संस्कार आज यानी रविवार को दोपहर 2.30 बजे निगम बोध घाट पर किया जाएगा।
जेटली का पार्थिव शरीर आज भाजपा मुख्यालय पर रखा जाएगा। यहां भाजपा के नेता और कार्यकर्ता उनके अंतिम दर्शन को पहुंचेंगे।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले मंत्रिमंडल में भाजपा के दिग्गज नेता ने वित्तमंत्री का कार्यभार 2014 से 2018 तक संभाला।
इससे पहले वह राज्यसभा में 2009 से 2014 तक नेता प्रतिपक्ष रहे।
शनिवार को जेटली के निधन के बाद भाजपा व कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताता उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।
इन नेताओं में राजनाथ सिंह, निर्मला सीतारमण पीयूष गोयल, हर्षवर्धन, जितेंद्र सिंह और एस. जयशंकर के अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा, राहुल गांधी, सोनिया गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने उनको श्रद्धांजलि दी।
वहीं, शनिवार को पहली बार बहरीन पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल स्टेडियम में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया।
इस दौरान संबोधन के अंत में पीएम मोदी का गला भर आया। उन्होंने रुंधे हुए गले से अपने सहयोगी और साधी अरुण जेटली को याद किया।
पीएम मोदी ने कहा कि 'मैं गहरा दर्द दबाए हुए बैठा हूं. आज मेरा दोस्त अरुण चला गया।'
इससे पहले जेटली के निधन की खबर सुनकर एम्स पहुंचने वालों में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, स्मृति ईरानी, हरदीप पुरी, जितेंद्र सिंह, अनुराग ठाकुर, भाजपा नेता राज्यवर्धन सिंह राठौड़, मनोज तिवारी एवं रमेश बिधूड़ी प्रमुख रूप से शामिल रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक सबसे भरोसेमंद सहयोगी और एक कुशल वकील जेटली के लिए सभी ने शोक संवेदना व्यक्त की।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि जेटली के निधन ने बौद्धिक पारिस्थितिकी तंत्र में एक बहुत बड़ा शून्य छोड़ दिया है।

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