मुंबई. कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है। बर्फ से ढकी पहाडिय़ां, चिनार व चीड़ के वृक्षों से घिरी वादियां, डलझील और पानी पर तैरता शिकारा हर किसी का मन मोह लेती है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी एक कश्मीर है जिसे छोटा कश्मीर कहा जाता है। इस छोटे कश्मीर में पहाड़ों वाली बर्फ, शिकारा, चीड़ व चिनार के पेड़ तो नहीं दिखेंगे मगर यहां की आबो हवा कश्मीर से कम भी नहीं है।
गोरेगांव (पूर्व) में आरे डेयरी परिसर में 1954 में बनाया गया छोटा कश्मीर कभी मुंबईकरों का सबसे पसंददीदा पर्यटन स्थल हुआ करता था। कश्मीर के तरह यहां भले ही तुलुप के फूल नहीं हो मगर चमेली, गुलाब, जूही, सोनयोरा, गुलबशी के फूल और नारियल, ताड़ के ऊंचे पेड़ पर्यटकों को कश्मीर की वादियों का ही अहसास कराते रहे। रविवार हो या कोई अन्य अवकाश लोग परिवार के साथ छुट्टियां बिताने यहां चले आते थे।
कभी फिल्मकारों का पसंदीदा स्थल था
पहाड़ी पर बनाया गया छोटा कश्मीर रंग-बिरंगे फूलों और हरियाली के कारण मुम्बइया फिल्मकारों का भी पसंदीदा स्थान रहा। 80 के दशक में छोटा कश्मीर में कई फिल्मों की शूटिंग हुई। आरे डेरी पुलिस स्टेशन के पास बना छोटा कश्मीर बेहद सुरक्षित स्थान रहा है। छोटा कश्मीर के नीचे एक बड़ा तालाब अब व्यवसायिक नौकायन चलता है।
सौंदर्यीकरण की उठी मांग
हाल के बीते वर्षों में सही रख रखाव नहीं होने के कारण छोटा कश्मीर अब अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है। भाजपा मुंबई उत्तर पश्चिम जिला सचिव जितेंद्र सिंह ने एक प्रतिनिधि मंडल के साथ वरली स्थित डेयरी डेवलपमेंट कमिश्नर नरेंद्र पोयाम से मिलकर छोटा कश्मीर के सौंदर्यकरण के साथ शौचालय व पेयजल व्यवस्था करने की मांग की। जितेंद्र सिंह ने बताया कि आरे डेयरी की हद में आने वाले छोटा कश्मीर के रखरखाव का जिम्मा डेयरी विभाग का है। उन्होंने बताया कि छोटा कश्मीर से कुछ ही दूरी पर स्थित पिकनिक पाइंट भी दुर्दशा का शिकार है। छोटा कश्मीर व पिकनिक पाइंट को बचाने की पहल होनी चाहिए।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2U7SswV
via Top News in Hindi


0 Comments