नई दिल्ली। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly polls) के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना (Shiv Sena) के बीच सीट शेयरिंग को लेकर मतभेद बरकरार है। इस मुद्दे पर बात अभी तक नहीं बनी है। शिवसेना भाजपा को ज्यादा सीट नहीं देना चाहती। जबकि बीजेपी ज्यादा सीटों के लिए लोकसभा चुनाव में वोट में हिस्सेदारी बढ़ने का तर्क दे रही है।
288 में से 135 सीटों पर शिवसेना ने दावा ठोका
महाराष्ट्र विधानसभा कुल 288 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से शिवसेना 135 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ना चाहती है। शिवसेना बीजेपी को भी इतनी ही सीटें देना चाहती है। शेष 18 सीटें सहयोगियों के लिए रखने के फार्मूले पर शिवसेना राजी है।
शाह और उद्धव के बीच समान सीटों पर बनी थी सहमति
दूसरी तरफ बीजेपी शिवसेना को 135 सीटें नहीं देना चाहती है। शिवसेना के एक वरिष्ठ नेता ने इस बात की पुष्टि भी की है। शिवसेना का कहना है कि 135 से कम सीटें उसे स्वीकार नहीं है। बता दें कि फरवरी में गठबंधन की घोषणा से पहले उद्धव ठाकरे और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बीच विधानसभा चुनाव में बराबर सीटों पर लड़ने की सहमति बनी थी।
शिवसेना से अधिक सीटें चाहती है बीजेपी
सीट शेयरिंग को लेकर बीजेपी के एक नेता ने तर्क दिया कि 2014 के चुनाव के मुकाबले इस साल आम चुनाव में पार्टी का वोट शेयर बढ़ गया है। बल्कि हमारे नेता पीएम नरेंद्र मोदी की छवि के बूते ही लोकसभा में शिवसेना के 18 नेता अपनी सीटों को सुरक्षित रख पाए। इसलिए हम उम्मीद करते हैं कि शिवसेना के मुकाबले हमें ज्यादा सीटें मिलें। बीजेपी चाहती है कि शिवसेना 120 सीटों पर चुनाव लड़े।
शिवसेना कई मुद्दों पर बीजेपी को आड़े हाथों ले रही है। कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं को बीजेपी में शामिल करने और अयोध्या में राम मंदिर बनाने की मांग को लेकर वह उस पर हमला कर रही है। शिवसेना के इस हमले को बीजेपी नेता सियासी दांव बता रहे हैं।
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