नई दिल्ली। पर्यावरण प्रदूषण ( Environmental Pollution ) मौजूदा दौर में पूरी दुनिया के लिए गंभीर संकट बन चुका है। यही वजह है कि प्रदूषण से बचने के लिए हर देश कारगर तरीकों की खोज कर रहा है, ताकि इस समस्या से निजात पाई जा सकें। अब कई देशों ने प्लास्टिक ( Plastic ) इस्तेमाल न करने की मुहिम भी शुरू कर दी है।
भारत में भी प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग पर रोक लगाने के तमाम उपाय किए गए लेकिन सभी नाकाफ़ी साबित हुए। इन सब के बीच गुजरात ( Gujrat )के दाहोद में एक अनोखी पहल शुरू की गई। दाहोद में अपनी किस्म का अनूठा कैफे ( Cafe ) खुला है , जहां आधा किलो प्लास्टिक का कचरा लाने पर लोगों को चाय ( Tea ) और कॉफी ( Coffee ) दी जाएगी।
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अगर कोई एक किलोग्राम ऐसा कचरा लेकर आता है तो उसे कचौड़ी और समोसा जैसे स्नैक्स दिए जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह देश का तीसरा प्लास्टिक कैफे है। जहां लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए इस तरह की पहल शुरू की गई है।
कैफे की इस पहल का मकसद लोगों को जागरूक करना है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू हुए इस कैफे का संचालन स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कर रही हैं। दाहोद के जिला विकास अधिकारी रचित राज ने बताया कि उनकी इस पहल के तहत इकट्ठा होने वाले प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिलिंग के लिए भेजा जाएगा।
गुजरात से पहले छत्तीसगढ़ ( Chhattisgarh ) के अम्बिकापुर और दिल्ली ( Delhi ) के द्वारका ( Dwarka ) इलाके में भी इस तरह के कैफे ( Cafe ) की शुरूआत हो चुकी है। यहां प्लास्टिक का कचरा देने पर उसके बदले नाश्ता और खाना मुफ्त में खिलाया जा रहा है।
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