नई दिल्ली। कोरोना वायरस को लेकर देश-दुनिया में दहशत का माहौल है। लोग इस बीमारी को लेकर चिंतित और घबराए हुए हैं। लोग डॉक्टरों और एक्सपर्ट्स से इसके बचाव को लेकर परामर्श ले रहे हैं। दिल्ली में कोरोनावायरस को लेकर स्पेशल कंट्रोल रूम तैयार किया गया है। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) में कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां देश-विदेश से लगातार फोन और ईमेल आ रहे हैं। जिसका जवाब यहां बैठे विशेषज्ञ दे रहे हैं। पत्रिका ने कंट्रोल रूम में आ रहे फोन कॉल्स और ईमेल की पड़ताल की जिसमें कुछ इस तरह के सवाल और जवाब मिले हैं।

क्या अंडा खाने या पालतू जानवरों के संपर्क में आने से कोरोना हो सकता है?

नीपा और सार्स की तरह यह वायरस भी जानवरों से ही आया है। लेकिन अब यह इंसान से इंसान में ही फैल रहा है। जानवरों से संपर्क से ऐसी कोई आशंका नहीं है।

ये भी पढ़ें: कोरोनावायरस के लिए केंद्र सरकार ने बनाया कंट्रोल रूम, लगातार आ रहे फोन कॉल और ई-मेल

मुझे खांसी, बुखार और सिर दर्द है, क्या अस्पताल में दाखिल हो जाना चाहिए?
अगर पिछले 14 दिनों में विदेश की यात्रा नहीं की है या किसी ज्ञात मरीज के संपर्क में नहीं आए हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। फिजीशियन से दिखाएं।

क्या हमें हमेशा मास्क लगाए रखना चाहिए?

स्वस्थ्य लोगों को हमेशा मास्क लगाए रखने की जरूरत नहीं। बीमार लोगों को जरूर मास्क का अधिकतम इस्तेमाल करना चाहिए। संदिग्ध मरीजों के पास जाते समय मास्क का उपयोग करें। काफी भीड़ वाली जगह में जाना पड़े तो भी इसका उपयोग किया जा सकता है।

क्या हम विदेश जा सकते हैं?
इस समय विदेश यात्रा से पूरी तरह बचने की सलाह दी जाती है। बहुत से देशों ने अपने यहां विदेशियों के आने पर पूरी तरह पाबंदी भी लगाई हुई है।

हमारे रिश्तेदारों के लोगों के पास ओसीआइ कार्ड है, क्या वे भारत आ सकते हैं?
नहीं। अभी ओसीआइ कार्ड के बावजूद किसी भी व्यक्ति को भारत आने के लिए विशेष अनुमति लेनी होगी।

मेरे परिवार के लोग विदेश यात्रा से लौट रहे हैं, क्या उन्हें क्वैरेंटाइन किया जाएगा?

जिन लोगों ने चीन, कोरिया, इरान, इटली, स्पेन, फ्रांस और जर्मनी की यात्रा इस साल 15 फरवरी को या उसके बाद की है, उन्हें 14 दिन के लिए क्वैरेंटाइन कर अलग रखा जाएगा।

क्या हमारे परिवार के लोगों को विदेश से आते समय कोरोना नहीं होने का सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है?

सिर्फ कोरिया और इटली से आने वालों को।

ये भी पढ़ें: कोरोना का कहर: भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच बाकी बचे दोनों मैच रद्द
क्या हैंड सेनेटाइजर साबुन से अच्छा होता है?

अगर साबुन और पानी उपलब्ध है तो इससे अच्छी तरह हाथ धोना पर्याप्त है। जब साबुन से हाथ धोने की सुविधा नहीं हो तब सेनेटाइजर का उपयोग करना चाहिए।

क्या बच्चों को पार्क में खेलने नहीं जाने दें?

पार्क में झूलों को दिन में कई बार किटाणुमुक्त करने की सलाह दी जाती है। साथ ही लौटने पर हाथ को साबुन से अच्छी तरह धोना बहुत जरूरी है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2Q8Vwbl
via Top News in Hindi