नई दिल्ली। बीएसएनएल ( bsnl ) की हालत से कोई जुदा नहीं है। कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिल रही है। वित्तीय संकट यहां तक आ पहुंचा है कि अब टेलीकॉम डिपार्टमेंट ( dot ) की ओर से निर्देश जारी हुआ है कि अब नए ठेके और खरीदारी के ऑर्डर नहीं होंगे। अगर जरूरी है तो दिल्ली हेड ऑफिस से परमीशन लेनी होगी। यह आदेश 12 जून को जारी हुए हैं। देश के सभी रिजनल ब्रांचों को निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
सभी मंडल ऑफिसों को जारी हुए आदेश
बीएसएनएल के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो टेलिकॉम डिपार्टमेंट की ओर से आए इस आदेश को सभी मंडल दफ्तरों में फॉरवर्ड कर दिया गया है। इस आदेश में साफ कर दिया गया है कि बीएसएनएल मौजूदा वित्तीय स्थिति अभी ठीक नहीं है। जिसकी वजह से वो किसी तरह की देनदारी निपटाने में सक्षम नहीं है। ऐसे में दूरसंचार विभाग की ओर से खर्चों को रोकने का निर्देश मिला है। आदेश के अनुसार सामान का ऑर्डर और ठेकों को पूरी तरह से रोक दिया जाए।
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कंपनी को है 4 जी स्पेट्रम का इंतजार
बीएसएनएल को अभी 4जी स्पेक्ट्रम का इंतजार है। इसके लिए बीएसएननल ने अपनी जमीन बेचकर पूंजी जुटाने की अनुमति सरकार से मांगी है। वहीं सरकार की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। आपको बता दें बीएसएनएल के पास काफी जमीन है, जिसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। जमीन की नीलामी कर बीएसएनएल की अरबों रुपयों की कमाई हो सकती है। लेकिन सरकार इसके पक्ष में नहीं दिखाई दे रही है।
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मुनाफे के बाद भी दबाव में बीएसएनएल
वहीं दूसरी ओर बीएसएनएल के मुनाफे की बात करें तो 2014-15 में 672 करोड़, 2015-16 में करीब 4000 करोड़ और 2016-17 में करीब 1700 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ। जियो के आने के बाद बीएसएनएल को राजस्व का दबाव झेलना पड़ रहा है। आपको बता दें कि क्चस्हृरु के पास लगभग 13,000 करोड़ रुपए आउटस्टैंडिंग लायबिलिटी है, जिसने कारोबार को चलाना मुश्किल बना दिया है। मौजूदा समय में बीएसएनएल के ग्राहकों की संख्या 11.58 करोड़ है।
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